Archive for सितम्बर, 2008

मेरा मन एकाग्र नहीं होता, उपाय बताईये
सितम्बर 29, 2008

मुझे लगता है आपकी उम्र ऐसी है जिसे टीनएज कहते हैं. इस उम्र में ध्यान केन्द्रित नहीं होता और सबसे ज्यादा प्रयास भी इसी उम्र में की जाती है कि ध्यान केन्द्रित हो. जबकि दिमाग बना ही इसलिए है कि वह इधर-उधर जाए. इसलिए इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है. जो कभी रूक नहीं सकता उसे रोकने की कोशिश करना ही गलत है. मन जहां जाना चाहे उसे वहीं ले जाईये. आप अपनी समझ से तय करते हैं कि मेरा मन यहां होना चाहिए. लेकिन मन अपनी समझ से चलता है. हम आगे पीछे जो कुछ करते या सोचते हैं मन में वही सब चलता है. इसलिए वह जहां जा रहा है उसके साथ रहने की कोशिश करिए. अगर मन को सही रास्ते पर लाना ही है तो सही कामों की शुरूआत करिए. धीरे-धीरे मन स्थिर होने लगता है. 

हां, आप चाहें तो त्राटक का अभ्यास कर सकते हैं. तंत्र में त्राटक की बहुत सारी विधियां हैं लेकिन आप आईने का प्रयोग कर सकते हैं. इसमें आईने में थोड़ी देर बिना पलक झपकाए अपने चेहरे को देखना होता है. यह सबसे सरल विधि है. कुछ देर जितना हो सके अलपक आईने में अपने चेहरे को देखिए. चार-पांच मिनट भी कर सके तो बहुत अच्छा परिणाम होगा. चार-पांच मिनट अलपक देखने के बाद आंखे बंद कर लीजिए और जिस अवस्था में हैं उसी में थोड़ी देर रूकिये. 
एक आसन का भी अभ्यास किया जा सकता है. शरीर को स्थिर करने की कला विकसित करिए. इस उम्र में उर्जा का स्तर बहुत ऊंचा होता है. तो थोड़े ही प्रयास से आप स्थिर होने लगेंगे. बस कुछ नहीं करना है. कभी भी दिन में एक दो बार आप अपने आप को स्थिर कर लीजिए. तय करिए कि एक निश्चित समय तक आप अपने शरीर को हिलाएंगे नहीं. शरीर के किसी हिस्से को हिलाएंगे नहीं. एक अंगुली भी नहीं हिलाएंगे. आंखे बंद रखेंगे और शरीर के साथ कोई जोर-जबर्दस्ती नहीं करेंगे. बस कुछ देर के लिए शरीर को निढाल छोड़ देंगे जैसा बहुत थका होने पर होता है. वैसे ही. आपको बहुत जल्द आशानुकूल परिणाम मिलेंगे. 
एक प्रयोग और कर सकते हैं. शरीर का श्रम खूब करिए. इतना कि शरीर थक जाए. शरीर का श्रम होता है तो बुद्धि को सहज ही विश्राम मिल जाता है. शरीर के श्रम से शर्म मत करिए. जितना हो सके, हाड़तोड़ मेहनत करिए. शांत और एकाग्र होने का यह सबसे आसान तरीका है. 
अगर कुछ भी संभव न हो रहा हो तो उसे याद करिए जो आपको सबसे अधिक प्रिय हो. मन स्थिर हो जाएगा.
(अमितेन्द्र विक्रम पाण्डेय द्वारा पूछे गये सवाल का जवाब)
Advertisements