ऊँ शांतिः शांतिः शांतिः
मेरे लिखे को कुछ लोग पढ़ते हैं और उसमें से कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी मंशा से मुझे अवगत भी कराते हैं. इंटरनेट की दुनिया में भाषाई अल्पसंख्यकों का यह बर्ताव प्रेरक है. मैं खुद भी नियमित कुछ चिट्ठीयों को पढ़ता हूं और कुछ पर अपनी मंशा से उन्हें अवगत कराता हूं. [...]