देखो भाई. तुम मानो या ना मानो. ये तीन संस्कार तो समझ में आ रहे हैं. हमारे शरीर और मन के साथ ये तीन तरह के संस्कार हमेशा जुड़े रहते हैं. कर्म का संस्कार, कुल का संस्कार और जाति का संस्कार. कहीं भी चले जाओ ये तीन संस्कार तो साथ ही रहेंगे. बनने के लिए [...]