Archive for June, 2009

धन और ध्यान दोनों को साधिए
June 3, 2009

हमारे मन में हमेशा यह उलझन रहती है कि धन और ध्यान में क्या साधे और क्या छोड़ दें? किस्सों कहानियों का ऐसा मायाजाल है कि धन और ध्यान में से किसे चुने और किसे छोड़ दें इसका निर्णय कभी कर ही नहीं पाते. दिन रात माया के आगोश में जीते हैं और हमेशा उससे [...]