कोई सात साल पहले की बात है. मैं हमेशा डरा-डरा सा अनुभव करता था. मैं बचपन से ही बहुत संवेदनशील था इसलिए छोटी-छोटी घटनाएं भी मेरे मन में बहुत गहरे बैठ जाया करती थीं. उस समय तो मैं उसे बाहर व्यक्त नहीं होने देता था लेकिन १२-१३ साल की उम्र से ही मुझे अनुभव होने [...]