Archive for February, 2008

रूक जाओ
February 24, 2008

बस रूक जाओ. अभी. यहीं. इसी वक्त. एक क्षण आगे नहीं. एक क्षण पीछे नहीं. इसी घड़ी में इसी क्षण में रूक जाओ. अपने शरीर को स्थिर कर दो. जड़वत. शरीर का कोई हिस्सा हिलना नहीं चाहिए. तनिक भी नहीं. हाथ जहां हैं रहने दो. पैर जहां हैं वहीं रोक दो. आंखें खुली हैं तो [...]