श्री सरस्वती स्तोत्रम्

या कुन्देन्दुतुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना

या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वंदिता

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ।।1।।

शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमा माद्या जगद्व्यापिनीं

वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्

हस्ते स्फाटिकमालिकां च दधतीं पद्मासने संस्थितां

वंदे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्।।2।।

।।अलख निरंजन।।

2 Responses

  1. जो हमे अच्छा लगे.
    वो सबको पता चले.
    ऎसा छोटासा प्रयास है.
    हमारे इस प्रयास में.
    आप भी शामिल हो जाइयॆ.
    एक बार ब्लोग अड्डा में आके देखिये.

    deepanjali - September 5, 2007 at 12:34 pm
  2. Sir, I know very well remingtton keyboard but how i can write a blog in Hindi and in which plateform.
    Manoj, Patna

    Manoj Kr. Singh - September 20, 2007 at 5:35 am

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