यह कहना मुश्किल है कि संन्यास पा लिया है. संन्यास के लिए मन का तैयार हो जाना और मन का उत्सुक रहना दोनों दो अलग-अलग बाते हैं. संन्यास के लिए मन में उत्सुकता बहुतों के आती है लेकिन उसका परावर्तन संन्यास में हो जाए, यह बहुत मुश्किल बात है. असल में वास्तविक संन्यास किसी को [...]